पल

हो दूर तुम मुझसे, लेकिन ख्यालो में हो पास  |

हर पल है मुझे, उन बीते हुए हर पल का एह्सास ||

कभी किसी और बात से मन को बहलाना, तो कभी मन की उमंगो को जुबा पर न लाना |

दिल की बात चेहरे पर झल्कती थी, और वो मुस्कान मासाअल्लाह कत्ल करती थी||

खुशी होती है सोच कर कि कभी पास थे तुम,  जीवन के कुछ पल में साथ थे तुम ||

5 विचार “पल&rdquo पर;

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