मंगल-मंगल
धड़क-धड़क
धड़के है जिया मेरा
घूमड़-घूमड़
उड़े हैं मन मेरा
मंगल-मंगल
हैं सब आस पास
क्यूंकी,
हो तुम मेरे पास
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सावन है अभी दूर,
फिर भी, दिल की चाहते है मजबूर
काटे है दिन
पर,
आजा कटे ना रतिया
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