माता शैलपुत्री

mata shailputri

श्री गणेशाये नम:

माता शैलपुत्री, जो वृषभ पर आरूढ है,जिनके दाहिने हाथ मे त्रिशूल और बाये हाथ मे कमल है, जिनके मस्तक पर अर्ध-चन्द्र सुशोभित है|
मै उन्हे बाराम-बार नमस्कार करता हूँ|

माता का प्रथम रूप माता शैलपुत्री के नाम से जाना जाता है|

पर्वतराज हिमालय की पुत्री के रूप मे माता का अवतार हुआ|

वे हिमावती और पार्वती के नाम से जानी गयी|

उनका विवाह् भगवान शिव के साथ हुआ|

पुर्व-जनम मे वे राजा दक्ष की पुत्री सती के रूप मे जनम लिया था| तब भी माता का विवाह् भगवान शिव के साथ हुआ था|

माता पार्वती की वन्दना, समस्त देव्गन देवी- देवता माता शैलपुत्री के रूप मे करते है|

Published in: on April 14, 2008 at 7:47 am Comments (1)
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