धूप की रोशिनी मे
बागो के फूलो मे
चाँद की चाँदनी मे
घर की पूजा मे
प्राथमिक की परीक्षा मे
दशहरे के मेले मे
परोस की सगाई मे
शादी की बिदाई मे
खेल के मैदान मे
दादी की कहानियो मे
दौड़ की जीत मे
ठंड से रज़ाई मे
तालाब के किनारे पर
परोस की छत पर
पेड़ो की डाल पर
स्कूल के बेंच पर
क्लास की गेट पर
परोस की खिड़की तोड़ने पर
मोहल्ले की जान पर
कुलफी की चूस पर
साइकल की ज़िद पर
दीवाली की मिठाई पर
क्लास मे फर्स्ट पर
बहन से लड़ाई पर
पापा की डाट पर
मम्मी की दुलार पर
बहन से राखी पर
रात को खाने पर
टीवी के फिल्म पर
गलियारे में घूम करहोली में रंग पर
चुटकुले मे मगन पर
भोज के नाम पर
कॉमिक्स की बातो पर
छुट्टी के ख़याल पर
कार्टून के नाम पर
गर्मी की उमस पर
छत पर सोने पर
तारे गिनने मे
सप्तऋषि खोजने मे
स्कूल की गाड़ी छूट जाने मे
छुपी है वो यादें






तालाब के किनारे पर
परोस की छत पर
पेड़ो की डाल पर
स्कूल के बेंच पर
क्लास की गेट पर
bahut khubsurat nahi zindagi ki yaadein yaad dila di aapne,bahut sundar kavita hai.
कॉमिक्स की बातो पर
छुट्टी के ख़याल पर
कार्टून के नाम पर
गर्मी की उमस पर
छत पर सोने पर
तारे गिनने मे
सप्तऋषि खोजने मे…
telling my story… gr8…
Dhyanaywad Mehhek aur Prajapati ji
Hmmm….beautiful!
yeh doulat bhi le lo yeh sohrat bhi le lo…..
Lovely Ami … Saari baatein usi purani duniya me le kar chali jaati hain…aur waha se lautne ka man hi nahi karta…
Regards!!
Thanks Tanu
I too visited ur profile on orkut and saw ur snap. Also sent frend request to add you there.:)