पल

हो दूर तुम मुझसे, लेकिन ख्यालो में हो पास  |

हर पल है मुझे, उन बीते हुए हर पल का एह्सास ||

कभी किसी और बात से मन को बहलाना, तो कभी मन की उमंगो को जुबा पर न लाना |

दिल की बात चेहरे पर झल्कती थी, और वो मुस्कान मासाअल्लाह कत्ल करती थी||

खुशी होती है सोच कर कि कभी पास थे तुम,  जीवन के कुछ पल में साथ थे तुम ||

Published in: on November 21, 2006 at 3:25 pm

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  1. On March 3, 2008 at 5:40 am Rewa Said:

    कभी किसी और बात से मन को बहलाना, तो कभी मन की उमंगो को जुबा पर न लाना |

    sahi likha hai aapne… dil baar baar yeh kah uthta hai…

    Mann re..
    tu…
    kahe na…
    dheer dhare…!

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